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पड़ताल- पश्चिम यूपी में बीजेपी के सामने ये 5 बड़ी चुनौतियां

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-     नवीन पाण्डेय यूपी में चुनाव बेहद दिलचस्प होने लगा है। स्वामी प्रसाद मौर्य फैक्टर ने यूपी में बीजेपी की  ‘ एज ’  को बिगाड़ दिया है।  नुकसान तो हो चुका है। अगर पहले दौर में पश्चिमी यूपी की 58 सीटों की बात की जाए तो यहां बीजेपी  ‘ खाई ’  में लग रही है। 1-      बीएसपी प्रमुख मायावती की  ‘ धीमे चलो वाली स्ट्रैटेजी ’  कहीं न कहीं बीजेपी के खिलाफ जा रही है। बीएसपी के कट्टर वोट बैंक को मायावती का मुखर न होना खलने लगा है और इसके चलते बीजेपी विरोधी दलित वोट भी एसपी को ओर  ‘ शिफ्ट ’  होता लग रहा है। शहरी इलाकों में भले ही अभी भी बीजेपी के पक्ष में रुझान दिख रहा है, लेकिन किसानों वाली बेल्ट में समाजवादी पार्टी और आरएलडी गठबंधन की ओर  ‘ एज ’  है। इसको बराबर कर पाना बीजेपी के लिए अब आसान नहीं होगा, क्यों वोटिंग में ज्यादा समय नहीं बचा है। दूसरा फैक्टर है मुसलिम वोटर्स की रणनीतिक चुप्पी साध लेना। औवेसी की भड़काने वाली तकरीरें हों या बीएसपी की मुसलिम प्रत्याशी उतारने की रणनीति। मुसलिम वोटर्स इस बार सीधे बीजेपी...

दुनिया में परमाणु बम से भी ‘ख़तरनाक’ रोबोट आर्मी तैयार !

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  हॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म आयरनमैन के हीरो कैप्टन अमेरिका का पूरी दुनिया में जलवा है। असीमित शक्तियों वाला ये सुपर हीरो एक काल्पनिक कैरेक्टर है, जो पृथ्वी के अलावा कई दूसरे ग्रहों में जाकर भी युद्ध कर सकता है। कुछ-कुछ ऐसा ही अब धरती पर वाकई में होने लगा है। उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयोंग में सैन्य प्रदर्शनी के दौरान एक ऐसा ही सुपर रोबोट सैनिक दिखाई दिया। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के साथ जो सैनिक परेड में दिखाई दिए, उनके बीच नीचे रंग के टाइट सूट में दिख रहा ये सैनिक सुपर रोबोट बताया जा रहा है।  बताते  हैं कि नॉर्थ कोरिया सुपर हीरोज की तर्ज पर ऐसे सैनिक तैयार कर रहा  है, जिन्हें हराना नामुमकिन होगा। गोलियों, तोपों की बौछार हो या लद्दाख, सियाचिन जैसी जगह पर भयंकर बर्फबारी- ऐसे रोबोट सैनिक हर जगह आराम से रहकर युद्ध कर सकते हैं। नॉर्थ कोरिया के ये रोबोट सैनिक वाकई में कितने पावरफुल हैं, अभी ये तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन ऐसी रोबोट आर्मी बनाने की होड़ कई साल पहले शुरू हो चुकी है। साल 2017 में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कहा था कि परमाणु बम से भ...

बाज़ार का ‘बाज़ीगर’- राकेश झुनझुनवाला ने कैसे खड़ी की सबसे सस्ती एयरलाइंस

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इसी साल पांच अक्टूबर 2021 को पीएम मोदी की एक ऐसी तस्वीर सबसे सामने आई , जिसे देखकर सभी एकबारगी चौंक गए थे। पीएम मोदी अपने ही ऑफिस में एक शख्स के सामने हाथ बांधे खड़े थे और वो कम जाना पहचाना सा चेहरा कुर्सी पर आराम से बैठा था। मोदी के साथ एक महिला खड़ीं थीं और बेहद दोस्ताना माहौल में बातें   होती जान पड़ रही थीं। इस मुलाकात के कुछ ही रोज बाद खबर आई हिन्दुस्तान में सबसे सस्ती एयरलाइंस अकासा को उड्डयन मंत्रालय ने हरी झंडी दे दी है। इस अल्र्टा लो   कास्ट एयरलाइंस को शुरू करने वाले शख्स हैं राकेश झुनझुनवाला। शेयर मार्केट के दिग्गज माने जाने वाले राकेश ही उस दिन अपनी पत्नी के साथ पीएम मोदी के ऑफिस गए थे। उस मुलाकात के बाद मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा था- " अपनी तरह के इकलौते इंसान राकेश झुनझुनवाला से मिलकर बहुत ख़ुशी हुई. वो जीवंत ,  व्यावहारिक और भारत के बारे में बहुत आशावादी हैं."   इसके बाद से ही राकेश झुनझुनवाला सोशल मीडिया पर ट्रेन्ड होने लगे। लोग उनके बारे में जानने को बेताब थे कि हिन्दुस्तान में सबसे सस्ती एयरलाइंस शुरू करने वाला ये शख्स आखिर कौन सा कारोबार करता ...

नवजोत सिद्धू ने बहुत सोच-समझकर इस्तीफा दिया, ये है रणनीति !

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सब पूछ रहे हैं नवजोत सिंह सिद्धू ने इस्तीफा क्यों दिया ? ‘ मलाई का कटोरा ’ मिलने के बाद राजनीति में ऐसा कौन करता है ? कोई सिद्धू को बेवकूफ साबित करने में लगा है तो कोई उनको ‘ अस्थिर ’ बता-बताकर अपने फेफड़े सुजाए ले रहा है। कुछ तो डीपीजी जैसे पद पर अपनी मनपसंद का व्यक्ति न चुने की नाराजगी बता रहे हैं। दशकों से राजनीति बीट कवर करने वाले वरिष्ठ संवाददाता भी चैनलों पर आंय-बांय सांय बोले जा रहे हैं। दरअसल सिद्धू ने अमरिंदर जैसे ‘ पहाड़ ’ को अपने रास्ते से हटाने के लिए जो महायुद्ध लड़ा था, उसकी जीत का सेहरा तो उनको मिला, लेकिन राजगद्दी कोई और ले उड़ा। सियासत यहां बेहद दिलचस्प हो गई है। सिद्ध ने चन्नी को सीएम पद दिलवाने में भले अहम भूमिका निभाई, लेकिन जल्दबाजी में एक रणनीतिक चूक कर गए। उस समय वे ये अन्दाजा नहीं लगा पाए कि चन्नी एक बार सीएम बन गए तो अगले चुनाव के लिए भी कांग्रेस को उन्हीं को चेहरा बनाना पड़ेगा। अगर नहीं बनाया तो बीजेपी, अकाली दल और आम आदमी पार्टी पूरे देश में कांग्रेस का जीना हराम कर देंगे। उसके बाद दबाव में आई कांग्रेस ने चन्नी का इस्तेमाल करते हुए पूरे देश में दलित का...

इस मुंडे को मनाऊ कैसे?

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प हले ही आपसी गुटबाजी में उलझी बीजेपी के सामने एक और संकट खड़ा हो गया है। कल्याण सिंह और बाबूलाल मरांडी के नक्शेकदम पर चल पड़े हैं महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री और लोकसभा में उपनेता गोपीनाथ मुंडे। तमाम तरह के नुकसान करने के बाद छह साल बाद किसी तरह उमा भारती की पार्टी में वापसी हुई तो ऐन उसी वक्त महाराष्ट्र में पार्टी के कद्दावर नेता गोपीनाथ मुंडे पार्टी छोड़ने की धमकी दे रहे हैं। हो सकता है, इस धमकी में ज्यादा दम न हो, लेकिन इसने पहले ही आंतरिक गुटबाजी की शिकार पार्टी में दहशत जरूर ला दी है। सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा तो ये पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के लिए है, जिनके सिर अपने ही गृहराज्य की कलह खत्म न करा पाने के आरोप चस्पां हो गए हैं। संगठन के बेस्ट मैनेजर बताए जाते रहे गडकरी की साख दांव पर है और वे दोनों ओर से फंसे दिखते हैं, अगर वे मुंडे की मांगें मानते हैं, तो अपने समर्थकों के सामने कमजोर पड़ते हैं और अगर मुंडे की उपेक्षा करते हैं तो डर है वे पार्टी ही न तोड़ दें। मुंडे इस मांग पर अड़े हैं कि उन्हें भी परंपरा तोड़कर महाराष्ट्र का प्रभारी बनाया जाए ( हालांकि प्रमोद महाजन और कल्...

नया न्यूज चैनल यानी काम हो कुछ हटकर

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नवीन पाण्डेय 'निर्मल' टे लीविजन न्यूज चैनल एक बेहद कड़े मुकाबले वाले दौर में पहुंच गए हैं। ऐसे में किसी भी नए चैनल को मार्केट बनाने में एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ता है। ऐसा कुछ भी नहीं बचा है, जो आप पहली बार करने जा रहे होगे। लेकिन ऐसा बहुत कुछ है, जो आप नए अंदाज में कर सकते हो। इसलिए सारा खेल अंदाज यानी प्रजेन्टेशन का। किसी भी बड़े चैनल की कॉपी करने से अच्छा है, कुछ फ्रेश और नए तरह से करना। दिन भर एक ही खबर को घिसने रहने से अच्छा है, किसी बड़ी खबर पर शो प्लान करना- जिसमें लोगों को जोड़ा जा सके। कुछ लोग दावा करते हैं कि हम गंभीर चैनल हैं, लेकिन ऐसी गंभीरता किस काम की, जिसको देखते हुए नींद आ जाए। किसी समस्या पर ‘सैटायर’ मारके आप ज्यादा बड़ी बात कर सकते हो, और लोगों तक आसानी से मैसेज पहुंचा सकते हो। टेलीविजन की अधिकांश टीआरपी मुंबई, दिल्ली जैसे बड़े महानगरों से आती है, इसलिए यहां की हर छोटी बड़ी घटना खबर बनती है. लेकिन यहां के दर्शकों का विश्वास जीतना बेहद मुश्किल है। खबरों को लेकर इनका भरोसा ज्यादातर आज तक, स्टार, एनडीटीवी और जी न्यूज जैसे बड़े...

दे ही दिया पाकिस्तान को खिल्ली उड़ाने का मौका ?

आ तंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमारी तैयारी कैसी है, इसकी पोल पट्टी एक बार फिर बुरी तरह खुल गई है। ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में मारे जाने के बाद भारत के पास जो रणनीतिक बढ़त आई है, नौकरशाही की बड़ी चूक ने उसको कलम कर दिया है। मोस्ट वांटेड आतंकियों की जो लिस्ट भारत ने पाकिस्तान को सौंपी है, उसमें महाराष्ट्र के ठाणे में रहने वाले वजाहुल कमर खान का नाम भी डाल दिया गया. वजाहुल कमर खान को एटीएस ने 10 मई 2010 को मुंबई के कुर्ला इलाके से 2003 के मुलुंड ट्रेन धमाकों के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके अलावा तीन अन्य आतंकी मामलों में वजाहुल के खिलाफ पोटा कोर्ट में केस चल रहे हैं। वजाहुल अपनी मां, पत्नी और पांच बच्चों के साथ ठाणे के वागले एस्टेट में रहता है। जब ये सच्चाई सामने आई तो गृहमंत्री पी चिदंबरम बगलें झांकते दिखाई दे रहे थे। जिस शख्स पर अपने ही देश में मुकदमा चल रहा है, नौकरशाहों ने उसका नाम मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में डालकर बैठे बिठाए पाकिस्तान को मुद्दा थमा दिया। मामले की पोल खुलने के बाद गृह मंत्रालय की तो किरकिरी हो ही रही है, सबसे बड़ी चोट आतंकवाद के खिलाफ हमारे क...