चला गया 'जानो भी दो यारो' का यार रवि वासवानीं नहीं रहे- इस दुखभरी खबर ने अचानक चौंका भी दिया। मुश्किल से यकीन हुआ कि 'जानों भी यारो' का वो प्रोफेशनल फोटोग्राफर सुधीर अब हमारे बीच नहीं रहा। नए जमानों के युवाओं को शायद रवि वासवानी को पहचानने में भी दिक्कत हो, लेकिन अस्सी के दशक के जिन संभावनाशील अभिनेताओं ने बाद में मजबूती से अपनी जगह बनाई रवि वासवानी भी उनके ही टक्कर के अभिनेता रहे। हालांकि उनको वाजिब जगह तो नहीं मिल पाई, पर उनके कुछ कैरेक्टर कमाल के रहे। कॉमेडी में उनकी टाइमिंग के तो सभी कायल थे। इसके साथ ही रवि ने खास तरह की आवाज के जरिए कॉमेडी में काफी प्रयोग किए थे। 1983 में आई फिल्म 'जानो भी यारो' के बिना ऑल टाइम हिट्स कॉमेडी फिल्मों की लिस्ट पूरी हो ही नहीं सकती। कुंदन शाह की इस लोटपोट कर देने वाली फिल्म के लिए रवि वासवानी को 1984 में 'बेस्ट कॉमेडियन' का फिल्म फेयर मिला था। इस अवार्ड की अहमियत इसलिए भी कुछ ज़्यादा हो जाती है क्योंकि उस फिल्म में रवि वासवानी को टक्कर दे रहे थे- नसीरुद्दीन शाह, ओमपुरी और सतीश शाह जैसे मंझे हुए कलाकार। उनके बीच बेस...
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